देशप्रेम
हमारे नेताजी- देशप्रेम दिवस आज नेताजी यानि हमारे स्वर्गीय सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन है। आज का दिन वैसे तो इनके नाम पर होना ही चाहिए लेकिन हमें उन आदर्शों व मूल्यों की भी उपेक्षा नहीं करना चाहिए जिन्होंने सुभाष को देश का नेताजी बनाया। हमारे देश में पदवी व पुरस्कार वैसे तो रेवड़ियों की तरह बाँटे जाते हैं और बँट भी रहे हैं लेकिन हमारे नेताजी ने अपने कर्मों के द्वारा यह साबित भी कर दिखाया कि वो वाकई हमारे नेताजी हैं। मुझे इस बात का दुख है कि हम इनकी आत्मीयता को भूलते जा रहे हैं। मैं मानता हूँ कि आज वो दौर नहीं है जब हम नेताजी की कार्य प्रणाली का बहुप्रयोग करेंगे लेकिन हमें उस दौर की महत्ता का तो भान होना ही चाहिए कि हम तय कर सकें कि नेताजी ने किन परिस्थितियों में कैसा, क्यों व किस तरह निर्णय लिया। हमें यह भी पता होना चाहिए कि उनके संगठन आजाद हिंद फौज की क्या उपलब्धियाँ रही और देश स्वतंत्रता में इसका कितना सक्रिय व असक्रिय योगदान रहा। लेकिन हमारे तत्कालीन सत्ताधीशों को हमारे नेताजी व उनकी कार्य प्रणालियाँ नापसंद थी और इसी वजह से इनसे जुड़े कई तथ्यों का अबतक खुलासा नहीं हो सका ...