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साहित्य का विकसित प्रारूप: चिट्ठन

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कुमारवाणी आप अंग्रेजी शब्द ब्लॉग से सुपरिचित होंगे और हिंदी में इसके लिए भी एक शब्द है- चिट्ठा और इसे लिखनेवाले लेखक चिट्ठाधारक कहलाते हैं | चिट्ठा लिखने की इस कला को चिट्ठन कहते है और यहाँ इस आलेख के माध्यम से हम लेखन की इस कला को साहित्य का दर्जा देने की कोशिश करेंगे | हिंदी के कुछ साहित्यकारों का मानना है कि चिट्ठन सर्वसम्मत नहीं है और इसकी विधा भी वैधानिकता से परे है इसीलिए इसे साहित्य का दर्जा नहीं मिलना चाहिए| मैं भी इसकी पूर्ण वैधानिकता को समझने में समर्थ नहीं हूँ लेकिन इसे साहित्य का दर्जा मिलना चाहिए , इसपर मुझे संशय नहीं है | हम चिट्ठाधारक इतनी मेहनत से अपना हरेक आलेख तैयार करते हैं और पाठकों से अपेक्षा रखते हैं कि वे अपने टिप्पणियों से हमारा मार्गदर्शन करते रहे, ताकि हम अपने पाठकों को नई व बेहतर सेवा दे सके और इसके लिए हम प्रतिबद्ध भी होते हैं |   आप बोल सकते हैं कि हमारी लेखनी में त्रुटियाँ होती हैं और इनका कोई साहित्यिक इतिहास व पदानुक्रम नहीं होता है लेकिन हम अपनी लेखनियों के प्रति प्रतिबद्ध होकर नई रचनाएँ गढ़ते हैं| हम अपने अनुभव से नई रचनाएँ कर अपने पाठकों क...

हास्य के सफर में

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हम सभी मनोरंजन के आदी हैं और इसके कई प्रकारों से अभिभूत रहे हैं।   मनोरंजन के विभिन्न प्रकारों में हास्य एकमात्र विधा है जिसके लिए कोई विवाद नहीं होता और सभी लोग हास्य कार्यक्रम देखते भी हैं। आज भले ही हम हास्य के विभिन्न रूप देखते हो लेकिन हास्य का नैसर्गिक रूप हमें सर्वाधिक रोमांचित करता है।   हम उम्र के किसी भी पड़ाव पर हो लेकिन हास्य कार्यक्रमों को जरूर देखना चाहते हैं।   हमारे भारतीय कार्यक्रम निर्माता भी हास्य कार्यक्रमों को लेकर उत्साहित रहते हैं और हमें हास्याधारित विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत करने से नहीं हिचकते हैं और इनमें से एक तारक मेहता का उल्टा चश्मा है जो सब टीवी पर सोमवार से शुक्रवार रात साढ़े आठ बजे प्रसारित होता है। तारक मेहता का... एक लोकप्रिय होने के साथ विविधतापूर्ण कार्यक्रम भी है।   आप अगर हास्य आधारित कार्यक्रम देखना पसंद करते हो ,   तो आपको यह कार्यक्रम बिल्कुल देखना चाहिए। मैं खुद इस कार्यक्रम का प्रशंसक हूँ और सालों से इसे देखता आया हूँ और आज रात भी इसे देखा |   मेरे इस आलेख का आशय यह भी है कि हम अपनी व्यस्त जिंदगी में काफी ...

तकनीकी प्रतिबद्धता

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हिंदी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता हम कई बार अपने ही सवालों में उलझकर रह जाते हैं और उनमें से कईयों के जवाब तो हम ताउम्र ढूँढने में बिता देते हैं और कुछ तो इसी चक्कर में परलोक सिधार भी जाते हैं। हमारी सुप्रतिष्ठित भारत सरकार अबतक भारतीय भाषाओं को अव्वल स्थान दिलाने में नाकाम रही और वैश्वीकरण के इस मकड़जाल ने हमें इतना व्यस्त बना दिया कि हम अपनी भारतीय भाषाओं में उन तकनीकों का प्रयोग करना चाहते हैं। हम भले ही अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में पढ़ेंगे लेकिन तकनीकी व दैनिक कार्य हिंदी में करेंगे और बात कमाई की हो तो कहना क्या।।। हिंदी हैं हम, वतन है हिंदोस्ता हमारा। आज जो लोग इन तकनीकी जगहों पर हमारी भाषाओं के लिए काम कर रहे हैं, उनमें से अधिकतर तो केवल बोली के रूप में उन भाषाओं को जानते हैं। उन्हें हमारी भाषाओं में तकनीकी ज्ञान हासिल नहीं है और इस कारण जब वे और उनकी तथाकथित समुदाय, चाहे वे किसी भी मंच पर हो, केवल कोरा अनुवाद कर रही है और इस कारण हमारी भाषाओं में अशुद्धियों का जाल बन गया है, जिसे हम चाहते हुए भी नहीं हटा पा रहे हैं। जो लोग सही जानते भी हैं, वे भी कुछ नहीं कर पा ...

ट्विटर की हिंदीत्रुटियाँ

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ट्विटर अनुप्रतीक मैं ट्विटर का नियमित प्रयोक्ता तो नहीं हूँ लेकिन मैं ट्विटर हिंदी में प्रयोग करता हूँ और पिछले तीन साल से मेरा यह नित्यकर्म बन गया है कि मैं ट्विटर पर हिंदीविशेष की प्रगति का गवाह रहूँ और बीच-बीच में समय मिलने पर उससे तकरीर भी कर ही लेता हूँ। मैं अभी कुछ घंटों पहले ट्विटर पर था और उसके हिंदी हेतु दिशानिर्देश पढ़ रहा था और मुझे बिल्कुल निराशा हाथ लगी कि इसके अनुवाद व नियमावली बिल्कुल घटिया दर्जे के थे। ऐसा भी नहीं है कि इसके पास काबिल लोग नहीं है लेकिन उनका भाषाविशेष का ज्ञान सीमित है और इस कारण ये त्रुटियाँ पैदा हुई। ये लोग शब्दकार तो बिल्कुल नहीं हैं।  मैं मानता हूँ कि हमारी देश की भाषाई विविधता भी इन त्रुटियों की वजह है लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि ट्विटर हिंदी में है और यहाँ <शुरुआत> ऐसे लिखा जाता है, नाकि ऐसे <शुरुवात> और एक कमाल की बात तो आपको बताना ही भूल गया कि यहाँ नोटिफिकेशन हेतु हिंदी में <अधिसूचना> लिया गया है लेकिन नोटिफिकेशन्स हेतु इसने <सूचनाएं> लिया है और यह एक बहुत बड़ी गलती है। इसका उत्तर <अधिसूचनाएँ> ह...

कलेवर नया

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आज मैं आपको एक दिलचस्प किस्सा सुनाने जा रहा हूँ और ऐसा भी नहीं है कि आपने ऐसी कहानी नहीं सुनी होगी लेकिन इसके नए कलेवर से आप जरूर अपरिचित होंगे । मैं आपको एक गायक के बारेमा बताना चाहता हूँ, हालाँकि मैं उनका नाम नहीं लेना चाहूँगा क्योंकि मुझे लगता है कि यहाँ उनके नाम के बजाय हमें उनके काम पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। मैंने पहली बार तीन दिन पहले उनका वीडियो गीत यूट्यूब से बगैर देखे अधोभार किया और फिर उसे सुना। वह गीत स्पेनी में है और उसका संगीत बेजोड़ होने के कारण मुझे बेहद पसंद आया और मैंने कम से कम दस बार तो सुना। कल मैं यूट्यूब पर जाने को सोचा कि उस गाने का आधिकारिक संस्करण अधोभार किया जाए क्योंकि मुझे उस समय तक यह भी पता नहीं था कि वह रोमनियाई है और मुझे इससे कभी फर्क भी नहीं पड़ेगा क्योंकि मैं एक संगीतप्रेमी हूँ और मेरा केवल संगीत से वास्ता है और इसके सिवा मुझे किसी और चीज से मतलब नहीं है। मुझे कल समय नहीं मिला कि मैं उनका वीडियो यूट्यूब से तत्काल सुन सकूँ और मैंने उनका गीत अधोभार भी नहीं किया और आज के लिए टाल दिया। आज सुबह पाँच पचास में जब उठ...
यहाँ मानक हिंदी के संहितानुसार कुछ त्रुटियाँ हैं, जिन्हें सुधारने का काम प्रगति पर है। आपसे सकारात्मक सहयोग अपेक्षित है। अगर आप यहाँ किसी असुविधा से दो-चार होते हैं और उसकी सूचना हमें देना चाहते हैं, तो कृपया संपर्क प्रपत्र के जरिये अपनी व्यथा जाहिर कीजिये। हम यथाशीघ्र आपकी पृच्छा का उचित जवाब देने की चेष्टा करेंगे।